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| सुरम्य वादियों में फिर से गूंजेगी ढोल-मृदंग की थाप : डॉ. रमन सिंह |
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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने राज्य के नक्सल हिंसा पीड़ित बस्तर अंचल में आम जनता की सुख सुविधा के लिए शांतिपूर्ण विकास की जरूरत पर बल दिया है। उन्होंने इसके लिए एक बार फिर राज्य सरकार की ओर से अपनी वचनबध्दता प्रकट की है। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जतायी है कि मां दंतेश्वरी और मां बम्लेश्वरी के आशीर्वाद से बस्तर अंचल में एक बार फिर शांति कायम होगी और यहां की सुरम्य वादियों में ढोल और मृदंग की थापों के साथ लोक गीतों की स्वर लहरियां गूंजेगी। मुख्यमंत्री ने इसके लिए आम जनता से सहयोग का आव्हान किया। डॉ. रमन सिंह बस्तर जिले के मुख्यालय जगदलपुर के नजदीक ग्राम घाटलोहंगा में एक विशाल आम सभा को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने इस अवसर पर क्षेत्र के विकास के लिए साढ़े सात करोड़ रूपए से अधिक लागत के विभिन्न विकास और निर्माण कार्यो का लोकार्पण और भूमि पूजन किया। मुख्यमंत्री द्वारा लोकार्पित इन विकास परियोजनाओं में लगभग एक करोड़ रूपए की लागत से बस्तर हाट के रूप में निर्मित ऊर्जा-शिक्षा उद्यान भी शामिल हैं, जिसमें सौर ऊर्जा के विभिन्न उपकरणों के जरिए सूर्य की रौशनी से बिजली पैदा करने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया है। इसके साथ ही वहां सौर ऊर्जा के महत्व को भी सुरूचि पूर्ण ढंग से रेखांकित किया गया है। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर वहां लगभग तीन करोड़ 53 लाख रूपए की लागत से निर्मित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के भवन परिसर का भी लोकार्पण किया, जिसमें दो करोड़ 28 लाख रूपए की लागत से निर्मित मुख्य भवन, वर्कशॉप और कार्यालय भवन तथा सेन्टर ऑफ एक्सीलेंस के लिए एक करोड़ 25 लाख रूपए की लागत से निर्मित भवन शामिल है। डॉ. रमन सिंह ने समारोह में ग्राम रोतमा के लिए 35 लाख रूपए की लागत से बने प्री-मेट्रिक कन्या छात्रावास भवन का लोकार्पण और ग्राम टाकरागुड़ा के लिए 36 लाख रूपए की लागत से बनने वाले कन्या छात्रावास भवन का शिलान्यास भी किया। उन्होंने कार्यक्रम में क्षेत्र के आठ गांवों के हैण्ड पम्पों के पानी से फ्लोराइड को अलग करने के लिए 64 लाख रूपए के रिमूवल संयंत्रों का भी लोकार्पण किया। डॉ. रमन सिंह ने समारोह में ग्राम फरसीगांव, मंगनार और मोहलई के लिए निर्मित हायर सेकेण्डरी स्कूल भवनों का लोकार्पण करते हुए अन्त्यावसायी सहकारी विकास समिति की योजना के तहत दो किसानों को मिनी ट्रक और ट्रेक्टर तथा टे्रक्टर ट्राली का भी वितरण किया। डॉ. रमन सिंह ने समारोह में विशाल आम सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि आम जनता के सहयोग से राज्य सरकार बस्तर सहित प्रदेश के सभी पिछड़े और आदिवासी बहुल क्षेत्रों के विकास के लिए लगातार काम रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की योजनाओं के साथ-साथ यह छत्तीसगढ़ के मेहनतकश किसानों के कठोर परिश्रम का ही परिणाम है कि राज्य को वर्ष 2010-11 में सर्वाधिक चावल उत्पादन के लिए भारत सरकार की ओर से प्रधानमंत्री के हाथों एक करोड़ रूपए का राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुआ है। इस उपलब्धि में हमारे बस्तर अंचल के किसानों का भी महत्वपूर्ण योगदान है। मुख्यमंत्री ने जनता को बताया कि बस्तर-भानपुरी क्षेत्र में कोसारटेडा सिंचाई परियोजना क्षेत्र के 41 गांवों के निवासियों के लिए 39 लाख रूपए की धनराशि पेयजल व्यवस्था हेतु मंजूर की गयी है। आम सभा को प्रदेश के वन मंत्री और बस्तर जिले के प्रभारी श्री विक्रम उसेण्डी, लोकसभा सांसद श्री दिनेश कश्यप और विधायक डॉ. सुभाऊ कश्यप ने भी सम्बोधित किया। कार्यक्रम स्थल पर मुख्यमंत्री के हाथों कृषि विभाग की उद्यानिकी इकाई की ओर से किसानों को मिर्च के उन्नत बीजों के मिनीकीट, शाकंभरी योजना के तहत सिंचाई पम्प, मछली पालन विभाग की ओर से मत्स्य बीज, कृषि विभाग की ओर से उन्नत बीज, वन विभाग की ओर से लाख उत्पादन और अगरबत्ती काड़ी निर्माण सामग्री, उन्नत चूल्हे, तेन्दूपत्ता श्रमिकों को बीमा राशि, स्कूली छात्राओं को सायकल, घाटलोहंगा प्राथमिक शाला के बच्चों को गणवेश वितरण किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने महिला स्व-सहायता समूहों को आंगनबाड़ियों के लिए रेडी-टू-ईट पोषण आहार बनाने के लिए 60-60 हजार रूपए की अनुदान राशि प्रदान की गयी। |

