Home Latest News हरियर छत्तीसगढ़ अभियान 2011 : पीपल का पौधा लगाकर मुख्यमंत्री ने किया वन महोत्सव का शुभारंभ
हरियर छत्तीसगढ़ अभियान 2011 : पीपल का पौधा लगाकर मुख्यमंत्री ने किया वन महोत्सव का शुभारंभ

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने हरियर छत्तीसगढ़ अभियान के तहत राजधानी रायपुर के नजदीक ग्राम गुमा में खारून नदी के तट पर अपनी धर्मपत्नी श्रीमती वीणा सिंह के साथ विधिवत पूजा अर्चना कर पीपल पौधे लगाए और वन महोत्सव का शुभारंभ किया। हरियर छत्तीसगढ़ अभियान के तहत प्रदेश के विभिन्न जिलों में सात करोड़ पौधे लगाए जाएंगे। इसके तहत् शहरों के किनारे स्वस्थ्य वातावरण के लिए आक्सीजोन विकसित किया जाएगा और नदी किनारे भूमि के कटाव और भू क्षरण रोकने के लिए वृक्षारोपण किया जाएगा।

डॉ. रमन सिंह ग्राम गुमा पहुंचकर वृक्षारोपण स्थल पर हजारों स्कूली बच्चों और ग्रामीणों के साथ मिलकर वृक्षारोपण किया। खारून नदी तट पर लगभग 20 हेक्टेयर मे फैले क्षेत्र में लगभग आधे घंटे भ्रमण कर उन्होंने ग्रामीणों और बच्चों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने इस अवसर पर पौधों की देखभाल करने के लिए समझाईश भी दी। कार्यक्रम में वनमंत्री श्री विक्रम उसेंडी, स्कूल षिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल, कृषि मंत्री श्री चंद्रषेखर साहू, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्री सुश्री लता उसेंडी, उद्योग मंत्री श्री दयालदास बघेल, विधायक श्री नंदकुमार साहू, छत्तीसगढ़ बेवरेज कार्पोरेशन के अध्यक्ष श्री देवजी भाई पटेल और जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती लक्ष्मी वर्मा ने भी वृक्षारोपण किया। इस अवसर अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री नारायणसिंह, प्रधान मुख्य वनसंरक्षक श्री धीरेन्द्र शर्मा, अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री जे.के.उपाध्याय और रायपुर संभाग के संभागायुक्त श्री मनोहर पांडे सहित वरिष्ठ प्रषासनिक अधिकारी उपस्थित थे।

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर हरियर छत्तीसगढ़ अभियान के तहत वन महोत्सव के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न जिलों में इस माह लगभग साढे पांच करोड पौधे वन विभाग के द्वारा लगाए जाएंगे। इसके अलावा विभिन्न विभागों के सहयोग से डेढ़ करोड़ पौधों का रोपण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि धरसींवा विकासखंड के ग्राम गुमा में खारून नदी तट पर 15 हेक्टेयर में आक्सीजोन बनेगा और पांच हेक्टेयर में खारून नदी के किनारे वृक्षारोपण किया जाएगा। इसी प्रकार रायपुर षहर में सोनडोंगरी तथा गोकुलनगर के पास आक्सीजोन विकसित करने वृक्षारोपण किया जाएगा। इसके साथ ही एन. आई. टी. परिसर, आयुर्वेदिक कालेज एवं विष्वविद्यालय परिसर में वृक्षारोपण किया जाएगा।

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि नदी तट पर वृक्षारोपण का उद्देष्य भूमि के कटाव, भू-क्षरण को रोकना है। इसी प्रकार षहर के आस पास के रिक्त भूमि में आक्सीजोन विकसित कर शहर के वातावरण को स्वच्छ बनाने किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नदी किनारे वृक्षारोपण में पानी के समीप आसानी से पनपने वाले पौधों अजुर्न, जामुन, षिषु पौधों का रोपण किया जा रहा है। वहीं आक्सीजोन क्षेत्र में आंवला, करंज, हर्रा, बहेरा नीम पीपल सहित विभिन्न पौधे लगाए जा रहे हैं। वृक्षारोपण के लिए दो से ढाई वर्ष तक के पौधों लिए गए हैं तथा  तीन साल तक इसका रखरखाव किया जाएगा।